Land records: घर-संपत्ति के मालिकाना हक को साबित करने के लिए ये 8 दस्तावेज़ अहम

Land records: अपने सपने का घर खरीदना या बेचना हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण फैसला होता है। इसमें संपत्ति के सबसे अहम हिस्से, उसके विवरण और उससे जुड़ी नियम और शर्तों को समझना जरूरी होता है। यदि आप घर-संपत्ति के मालिकाना हक को सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें:

1. विक्रय अनुबंध (Property ownership rights):

यह दस्तावेज़ आपको संपत्ति के पूर्ण विवरण के साथ-साथ नियम, शर्तें, कब्जे की तारीख, भुगतान योजना, सामान्य क्षेत्र और सुविधाएं बताता है। इसमें संपत्ति के निर्माण का जिम्मेदार बिल्डर का नाम भी शामिल होता है। संपत्ति को खरीदने और होम लोन लेने के लिए इस अनुबंध की मूल प्रति दिखानी होती है।

2. कब्ज़ा पत्र (possession letter):

इस दस्तावेज़ में बिल्डर द्वारा संपत्ति का दायित्वपूर्ण स्वरूप और ग्राहक को संपत्ति की तारीख जिक्र होता है। यदि आप पुनर्विक्रय संपत्ति खरीदते हैं, तो आप बैंक को दिखाने के लिए विक्रेता से रसीद की प्रति मांग सकते हैं।

3. संपत्ति कर रसीदें (property tax receipts):

इन रसीदों का उपयोग संपत्ति का कर भुगतान करने के लिए होता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि पिछले मालिक ने संपत्ति कर का भुगतान किया है और कोई चूक नहीं है। ये रसीदें संपत्ति की कानूनी स्थिति साबित करने में भी मदद करती हैं।

4. राजस्व भुगतान रसीदें (Revenue Payment Receipts):

अगर आप नई संपत्ति खरीद रहे हैं, तो बिल्डर से भुगतान रसीदें प्राप्त करें। जबकि, पुनर्विक्रय संपत्ति खरीदने की सूरत में, विक्रेता से बैंक को रसीदों की प्रतियां दिखाने के लिए कहें।

5. भार प्रमाणपत्र (Encumbrance Certificate):

यह दस्तावेज़ यह सत्यापित करता है कि संपत्ति पर कोई कानूनी बाधा या बंधक नहीं है। इसे बैंक लोन के लिए भी मांगा जा सकता है। इस प्रमाणपत्र में पिछले लेनदेन से संबंधित सभी जानकारी भी शामिल होती है। भारत में प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी चार्ज होने पर फॉर्म 15 जारी किया जाता है, जबकि नहीं होने पर फॉर्म 16 जारी किया जाता है।

6. समापन प्रमाण पत्र (Completion Certificate):

यह दस्तावेज़ होम लोन लेने के लिए आवश्यक होता है और साबित करता है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार हो रहा है।

7. अधिभोग प्रमाण पत्र (occupancy certificate):

इसे डोमिसाइल सर्टिफिकेट के नाम से भी जाना जाता है और यह स्थानीय प्रशासन को बिल्डर को निर्देशित करता है। इससे पता चलता है कि इमारत पूरी तरह से रहने योग्य है और अनुमोदित योजना के अनुसार निर्मित हुई है।

कृषि भूमि के स्वामित्व को साबित करने के लिए इन 8 दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
1) सात बारा आलेख
2) खाता विवरण या 8 – अ
3) खरेदीखत
4) भूमि सर्वेक्षण मानचित्र
5) राजस्व प्राप्ति
6) जमीन से संबंधित पिछले मामले
7) संपत्ति कार्ड
8) अधिभोग का प्रमाणपत्र

यदि आप इन दस्तावेज़ों को ध्यान से जमा करते हैं, तो आप अपने घर-संपत्ति के मालिकाना हक को सुनिश्चित कर सकते हैं और भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या से बच सकते हैं।

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